
संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष द्वारा
डिजिटल समन्वय पर उच्च स्तरीय पैनल
महासचिव: बहुस्तरीय प्रणाली डिजिटल युग के लिए तैयार नहीं, नीति निर्धारकों को पुरानी तकनीक के गवर्नेस मॉडल्स को अपडेट करना चाहिए
10 जून को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। विषय था- डिजिटल समन्वय। इस उच्च स्तरीय स्वतंत्र पैनल में संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंटोनियो गुटेरेश ने निम्नलिखित विचार प्रकट किए।
तकनीक तेजी से रफ्तार पकड़ रही है, और हम- डिजिटल युग की बहुस्तरीय प्रणाली- इसके लिए तैयार नहीं हैं। हमें अपनी रफ्तार तेज करनी है। इसीलिए मैं इस बात पर प्रसन्न हूं कि डिजिटल समन्वय पर इस स्वतंत्र उच्च स्तरीय पैनल ने मुझे अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
मैं देखता हूं कि हर दिन डिजिटल तकनीक संयुक्त राष्ट्र के शांति, मानवाधिकार और टिकाऊ विकास के अभियानों को आगे बढ़ाने में हमारी अनेक प्रकार से मदद कर रही है। हर दिन मैं यह भी देखता हूं कि डिजिटल तकनीक अनेक प्रकार के व्यवधान खड़े कर रही है और हमारे अभियानों के लिए खतरा भी उत्पन्न कर रही है।
हमें इस बात पर गौर करना चाहिए कि तकनीक किस तेज रफ्तार से विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं और समुदायों की कायापलट कर रही है। मेरा मानना है कि नीति निर्माताओं सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस रफ्तार से अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर रहा। डिजिटल तकनीक को नियंत्रित करने की प्रणाली पुरानी, विखंडित और निष्क्रिय है। जब तक हम इन प्रणालियो को अपडेट करेंगे, तब तक बहुत देर हो जाएगी।
एलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने जब टेलीफोन बनाया था, उसके पच्चीस वर्ष बाद 80 लाख लोगों तक टेलीफोन पहुंच चुका था। वर्ल्ड वाइड वेब के आविष्कार के पच्चीस वर्ष बाद 4 अरब से अधिक लोग इंटरनेट का लाभ उठा रहे हैं। विश्व में तकनीकी परिवर्तन की ऐसी तेज गति कभी नहीं देखी थी। हालांकि डिजिटल तकनीक ने व्यापक
अवसर उपलब्ध कराए हैं, उसी के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तैयारी और समन्वय के अभाव में अनेक दुष्परिणाम भी सामने आए हैं।
सोशल मीडिया दोस्तों और परिवारीजन से हमारे संबंधों को मजबूत करता है। लेकिन वह नफरत और हिंसा को ब्रॉडकास्ट करता है, सामाजिक समरता को छिन्न-भिन्न करता है और निजता का उल्लंघन करता है। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन को सेलिब्रेट करते हैं लेकिन उनके शस्त्रीकरण, उनके एल्गोरिद्म में रचे बसे पूर्वाग्रहों और रोजगार पर उनके प्रभावों के प्रति भी चौकन्ने हैं।
यह विश्वव्यापी मुद्दा है जिस पर तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत है। इस पैनल में सभी आयु वर्ग के, विभिन्न क्षेत्रों- ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेस, अर्थशास्त्र, इंटरनेट गवर्नेंस और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र के स्वयंसेवी तथा विशेषज्ञ शामिल हैं। मैंने पैनल से कहा है कि वह मुझे डिजिटल तकनीक से जुड़े अवसरों और चुनौतियों के बारे में बताएं और यह भी बताएं कि किस प्रकार इन अवसरों का दोहन किया जा सकता है और जोखिमों के कम किया जा सकता है। उन्होंने मुझे ऐसे अनेक सुझाव दिए हैं कि हम किस प्रकार मुक्त, तेज और बहुपक्षीय मॉडल के जरिए डिजिटल तकनीक के विकास को प्रबंधित कर सकते हैं।
मैं इस रिपोर्ट को अच्छी तरह से पढ़ूंगा और आपसे भी ऐसा ही करने का आग्रह करता हूं। मुझे उम्मीद है कि इससे सरकारों, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और अन्य लोगों के बीच तत्काल और मुक्त विचार-विमर्श को बढ़ावा मिलेगा। हम डिजिटल अंतरनिर्भरता के इस दौर में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकेंगे। रिपोर्ट के निष्कर्षों और सुझावों पर चर्चा के बाद मैं इस डिजिटल दौर मे संयुक्त राष्ट्र की भूमिका के लिए एक रोड मैप तैयार करूंगा।
हालांकि यह तकनीक नई और क्रांतिकारी है, हम पहले के अनुभवों से सीख सकते हैं। बड़े भू-राजनीतिक तनावों और विचलन के दौर में परमाणु तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष उड़ानों के स्वीकार्य उपयोग पर सहमति के लिए हमारे पूर्ववर्ती एक साथ आए थे। आज के दौर में विभिन्न हितधारक अधिक विविध होंगे, इसीलिए समस्या के समाधान भी अधिक लचीले होने चाहिए। मुझे यकीन है कि हमें सफलता निश्चित ही मिलेगी।
जब भविष्य की पीढ़ियां अतीत में झांकेगी, मेरा मानना है कि तब वे तीन प्रश्न पूछेंगी: क्या आपने हमारे ग्रह को प्रलय से बचाने का काम किया था? क्या आपने शांति कायम की थी? और क्या आपने यह सुनिश्चित किया था कि डिजिटल युग समृद्धि और संतोष का पर्याय बने? मैं उच्च स्तरीय पैनल के प्रतिष्ठित सहयोगियों को धन्यवाद देता हूं और मैं उनकी प्रस्तुति की प्रतीक्षा कर रहा हूं। धन्यवाद।
Full Report: https://digitalcooperation.org/wp-content/uploads/2019/06/DigitalCooperation-report-for-web.pdf


